खानपान की कुछ आदतें रक्त शर्करा को तेज़ी से असंतुलित कर सकती हैं। यह जानना ज़रूरी है कि कौन सी चीज़ें आपके शरीर पर कैसा असर डालती हैं — ताकि आप समझदारी से चुनाव कर सकें।
अधिक जानकारी पाएं
जब शरीर में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने की प्रक्रिया कमज़ोर हो जाती है, तो खाने का हर एक विकल्प महत्वपूर्ण बन जाता है। कुछ सामान्य दिखने वाली चीज़ें भी खाने के बाद ग्लूकोज़ का स्तर तेज़ी से बढ़ा सकती हैं।
सही जानकारी होने पर आप रोज़मर्रा की आदतों में छोटे लेकिन असरदार बदलाव ला सकते हैं। किसी भी नई आहार योजना से पहले अपने चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।
नीचे दी गई तालिका दिखाती है कि कौन सी चीज़ें शर्करा को धीरे और कौन सी तेज़ी से बढ़ाती हैं
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। आहार संबंधी निर्णय हमेशा अपने डॉक्टर के साथ मिलकर लें।
ये खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा को सबसे ज़्यादा प्रभावित करते हैं
टॉफ़ी, चॉकलेट, हलवा, जैम — इनमें तेज़ कार्बोहाइड्रेट की भरमार होती है। ये खाते ही रक्त में घुल जाते हैं और शर्करा का स्तर तेज़ी से बढ़ा देते हैं।
बोतलबंद जूस और कोल्ड ड्रिंक में बड़ी मात्रा में फ्रुक्टोज़ होता है। यह लीवर पर बोझ डालता है और इंसुलिन की प्रतिक्रिया को बिगाड़ देता है।
रिफाइंड आटे से बनी चीज़ें पाचन तंत्र में बहुत जल्दी टूट जाती हैं। इनका फाइबर निकाल दिया जाता है, इसलिए ये बहुत तेज़ी से शर्करा बढ़ाती हैं।
सॉसेज, लाल मांस और स्मोक्ड प्रोडक्ट में संतृप्त वसा ज़्यादा होती है। यह अग्न्याशय के काम को प्रभावित करती है।
पिज़्ज़ा, बर्गर, चिप्स और तले हुए स्नैक्स में ट्रांस फैट, नमक और मैदा एक साथ होते हैं — यह संयोजन शर्करा और कोलेस्ट्रॉल दोनों बढ़ाता है।
केला, अंगूर, आम, खजूर और किशमिश में प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अधिक होती है। मधुमेह में इन्हें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
हाइड्रोजनेटेड तेल, डालडा और मेयोनेज़ में ट्रांस फैट होती है जो रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाती है और शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता घटाती है।
सूजी, पॉलिश किए चावल, नमकीन अचार और मसालेदार डिब्बाबंद खाना — ये भी शर्करा और रक्तचाप दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। शराब का सेवन भी रक्त शर्करा में अनियमितता पैदा कर सकता है।
अच्छी बात यह है कि इन चीज़ों के बहुत से स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प मौजूद हैं। एक बार सही आदतें बन जाएं, तो शरीर खुद बेहतर महसूस करने लगता है।
शरीर हर खाए हुए भोजन को ऊर्जा में बदलता है। इस प्रक्रिया में कार्बोहाइड्रेट सबसे तेज़ी से ग्लूकोज़ में परिवर्तित होते हैं। जब यह प्रक्रिया बहुत तेज़ होती है, तो रक्त में शर्करा का स्तर अचानक बढ़ जाता है — जो मधुमेह में विशेष रूप से समस्याजनक है।
जिन खाद्य पदार्थों में फाइबर और प्राकृतिक पोषण होता है, वे इस प्रक्रिया को धीमा करते हैं। इससे शर्करा का स्तर धीरे-धीरे और स्थिर तरीके से बढ़ता है, जिससे शरीर को अनुकूलित होने का समय मिलता है। यही कारण है कि साबुत अनाज, सब्ज़ियाँ और दालें मधुमेह में उपयोगी मानी जाती हैं।
यहाँ दी गई सूचना केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। अपनी विशिष्ट स्थिति के अनुसार आहार योजना बनाने के लिए किसी पंजीकृत आहार विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करें।
"पहले मुझे नहीं पता था कि पैकेट वाला जूस भी उतना ही नुकसानदेह है जितना कोल्ड ड्रिंक। इस जानकारी के बाद मैंने घर में ताज़ा नींबू पानी बनाना शुरू किया। बहुत बेहतर महसूस कर रही हूँ।"
— प्रिया मेनन, मुंबई
"सफेद ब्रेड बंद करने के बाद मेरी सुबह की शुगर रीडिंग काफी बेहतर हो गई। डॉक्टर ने भी कहा कि यह सही दिशा में है।"
— अनिल गुप्ता, पुणे
"मेयोनेज़ और फास्ट फूड छोड़ना मुश्किल लगा, लेकिन जब शरीर में हल्कापन महसूस हुआ तो इच्छाशक्ति आपसे आप बढ़ गई। अपने डॉक्टर की सलाह से आगे बढ़ रही हूँ।"
— सुमित्रा नायर, कोच्चि
hello (at) yuwopiz.shop
78, Linking Road, Mumbai, Maharashtra 400050, India
+91 83049 61527
हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है। कुछ चीज़ों को पूरी तरह बंद करना ज़रूरी हो सकता है, जबकि कुछ को बहुत कम मात्रा में लिया जा सकता है। इसका सही जवाब आपके डॉक्टर और जाँच के परिणाम ही दे सकते हैं।
घर का खाना आमतौर पर बेहतर होता है क्योंकि आप सामग्री पर नियंत्रण रख सकते हैं। लेकिन घर में भी ज़्यादा तेल, मैदा या चीनी का उपयोग हो तो वह भी नुकसानदेह हो सकता है।
सफेद पॉलिश किए चावल को सीमित करना फायदेमंद हो सकता है। ब्राउन राइस या कम मात्रा में सफेद चावल — दोनों विकल्पों पर अपने डॉक्टर से बात करें।
शहद प्राकृतिक है, लेकिन इसमें भी उच्च मात्रा में शर्करा होती है। मधुमेह में इसे भी सावधानी से और बहुत कम मात्रा में लेना चाहिए। इसे चीनी के सुरक्षित विकल्प के रूप में न मानें।
नहीं। जूस बनाने से फल का फाइबर निकल जाता है और शर्करा की सघनता बढ़ जाती है। पूरा फल खाना — अगर डॉक्टर ने अनुमति दी हो — जूस से बेहतर होता है।
व्यायाम बहुत फायदेमंद है और शर्करा नियंत्रण में मदद करता है, लेकिन यह गलत खानपान की पूरी भरपाई नहीं कर सकता। सबसे अच्छे परिणाम सही आहार और नियमित व्यायाम दोनों के संयोजन से मिलते हैं।